Best Ayurvedic Products And Medicines For Liver Health

लिवर यानी जिगर के स्वास्थ्यय के लिए दस सबसे अच्छे आयुर्वेदिक उपचार

(Best Ayurvedic Products For Liver)

आइये पहले जानते हैं लिवर यानी जिगर का हमारे शरीर में क्या महत्त्व है.

लिवर  जिसे हिंदी में यकृत और आम भाषा में जिगर भी कहते हैं हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो विभिन्न शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. मेटाबोलिज्म का अर्थ है शरीर के अंदर जो भी क्रियाएं चल रही हैं उनका सबका सही मात्रा में चलते रहना. लिवर का एक ख़ास काम ये भी होता है कि हम जो खाना खाते हैं वो आंत में अवशोषित होकर खून में मिल जाता है जहां से यह दिल में जाने से पहले लिवर में जाता है जहां लिवर इसमें मौजूद विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) को खून से अलग कर देता है और शुद्ध खून को ही दिल में पहुंचाता है. इस वजह से जो भी हम खाते हैं उसका सीधा प्रभाव लिवर पर पड़ता है. विषैले पदार्थों को शरीर से बहार निकालने को लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस कहते हैं. इनके अलावा भी लिवर के बहुत सारे काम होते हैं जैसे पित्त का निर्माण, खून की प्रोटीन्स का निर्माण, विषैले पदार्थों को यूरिआ में बदलना अदि. लीवर की सही देखभाल न की जाए तो यह विभिन्न बीमारियों का शिकार हो सकता है, जैसे कि फैटी लीवर, लीवर सिरोसिस, पीलिया (जॉन्डिस), और हेपेटाइटिस।

आजकल की अनियमित और असंतुलित जीवनशैली, शराब का सेवन, वसायुक्त और तले हुए भोजन की अधिकता, और मानसिक तनाव लीवर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बने लीवर सप्लीमेंट्स अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयुर्वेद में लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कई शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध हैं, जिनमें भूमि आंवला, कालमेघ, पुनर्नवा, शरपुंखा आदि प्रमुख हैं।

आज हम आपको 10 बेहतरीन आयुर्वेदिक लीवर सप्लीमेंट्स बता रहे हैं हैं जो लीवर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं.

1. हिमालया लिव 52 टैबलेट

 

हिमालय की लिव 52 टेबलेट्स लिवर स्वास्थ्यय के लिए एक अचूक आयुर्वेदिक उपाय माना जाता है. लिव 52 टेबलेट्स दो अलग अलग मात्राओं में आती है. एक तो साधारण लिव 52 टेबलेट्स, दूसरे लिव 52 डीएस. इसके अलावा लिव 52 सिरप भी मार्किट में उपलब्ध है. हिमालय की इन आयुर्वेदिक टेबलेट्स के मुख्य घटक हिमसार, कासनी, मंडूर भस्म, भूमि आंवला, काकमाची आदि हैं. हिमालय कंपनी का यह आयुर्वेदिक उत्पाद यकृत स्वास्थ्यय खासतौर से लिवर सिरोसिस में विशेष लाभकारी है.

इसके अतिरिक्त यह यह लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। फैटी लीवर और जॉन्डिस में लाभकारी। हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करता है। पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मदद करता है।

2. पतंजलि लिव-अमृत टैबलेट

पतंजलि लिव अमृत टेबलेट्स लिवर को डेटॉक्स करके विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है. लिवर के मज़बूत होने से पाचन तंत्र मज़बूत होता है और भूख बढ़ती है. इसके रोगहरण प्रभाव हेपेटाइटिस बी और सी में भी मददगार होते हैं. इसके मुख्य घटक भूमि आंवला, कालमेघ, पुनर्नवा, शारपुंखा आदि हैं.

3. डाबर हिपानो सीरप

डाबर कंपनी आयुर्वेदिक उत्पादों में अपनी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है. इसका हिपानो सिरप 200 मिली के पैक में आते हैं जिसमें भूमि अमला, कालमेघ, गुडुची, हरीतकी, विभीतकी, आमला, पिप्पली आदि मुख्य घटक हैं. इसे लिवर की जनरल हेल्थ के लिए एक उत्तम आयुर्वेदिक विकल्प माना जाता है.

इसके मुख्य लाभ हैं: लीवर के लिए प्राकृतिक टॉनिक है. अल्कोहलिक लिवर डिजीज में उपयोगी है लीवर सिरोसिस और फैटी लीवर में लाभकारी है

4. बैद्यनाथ लिवरोल सिरप

बैद्यनाथ के उत्पाद भी अपनी हाई क्वालिटी और क्षमता की वजह से घर घर जाने जाते हैं. इस कंपनी ने लिवर स्वास्थ्यय के लिए लिवरोल सिरप बनाया है जो कई अलग मात्राओं के पैक में उपलब्ध होता है. बैद्यनाथ लिवरोल सिरप लीवर की सूजन और फैटी लीवर को ठीक करता है।साथ ही लीवर में एंजाइम्स के असंतुलन को नियंत्रित करता है और जॉन्डिस और हेपेटाइटिस में भी लाभकारी है. इसके मुख्य घटक करंज, काकमाची, कासनी, भृंगराज, भूमि आमला, पुनर्नवा, गिलोय, दारुहल्दी आदि हैं.

6. जंडू लिवाइटल लिवर टेबलेट्स

जंडू ने अपनी लिवर टेबलेट्स खास तौर पर फैटी लिवर और लिवर डिटॉक्सिफिकेशन के लिए बनाई है और यही बात जंडू के प्रोडक्ट पेज पर मिलती है. भृंगराज, गुडुची, तामलकी, कालमेघ, रक्तपुनर्नवा, विडंग, कासनी, रोहितक जैसी शक्तिशाली जड़ी बूटियों के औषधीय गुणों से युक्त ये टेबलेट्स लिवर को प्राकृतिक तरीके से डेटॉक्स करके स्वस्थ रखती है. जंडू अपने प्रोडक्ट पेज पर लिखता है कि क्या है जो जंडू के लिवाइटल टैबलट्स को औरों से अलग बनाता है और इस विषय में जंडू लिखता है कि जंडू का नौ जड़ी बूटियों का ये फार्मूला वैज्ञानिक परीक्षणों और क्लीनिकल ट्रायल्स के बाद ही विकसित किया गया है.

संक्षेप में कहें तो लिवाइटल टेबलेट्स लीवर डिटॉक्स के लिए और विषैले पदार्थों को शरीर से बहार निकलने के लिए एक उत्तम आयुर्वेदिक विकल्प है.

7. प्रोवेलनेस मंत्रा कैप्टन लिव टैबलेट्स

 

प्रोवेलनेस मन्त्रा कंपनी अपने चुनिंदा उत्पादों और गुणवत्ता के मानकों के लिए जानी जाती है. प्रोवेलनेस मन्त्रा कंपनी का उद्देश्य उच्च गणवत्ता वाले आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के माध्यम से आयुर्वेद के लाभों को घर घर पहुँचाना है. इसका कैप्टन लिव टेबलेट्स इस कंपनी के गुणवत्ता के मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया एक आयुर्वेदिक लिवर सप्लीमेंट है जो टैबलट्स कि फॉर्म में आता है. मुख्य घटक के तौर पर कैप्टेन लिव टेबलेट्स में भूमि आंवला, कालमेघ, शरपुंखा, काकमाची, पुनर्नवा, कुटकी आदि जड़ी बूटियां हैं. अगर लाभ की बात करें तो प्रोवेलेन्स मन्त्रा कैप्टेन लिव टेबलेट्स लीवर सिरोसिस, फैटी लीवर, जॉन्डिस और लिवर इन्फेक्शन में बेहद लाभकारी है. यह लिवर का प्राकृतिक तरीके से डिटॉक्सिफिकेशन करने में मदद करता है. साथ ही यह लीवर एंजाइम्स को संतुलित करता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।

8. आयुष हर्ब्स का लिवर टोन सिरप

यह भी आयुर्वेदिक लिवर उत्पादों में अच्छा स्थान रखता है. इसके मुख्य घटकों में मिल्क थिसल, पुनर्नवा, कालमेघ और भृंगराज हैं. लाभ की बात करें तो यह हेपेटाइटिस, लीवर की सूजन में लाभकारी है.

9. कालमेघ

इस बार हम आपको कई हर्ब्स का बना उत्पाद न बताकर एक सिंगल हर्ब के बारे में बताते हैं. कालमेघ जिसका वैज्ञानिक नाम एंड्रोग्राफिस पेनिकुलेटा है लिवर स्वास्थ्यय में विशेष स्थान रखता है. कालमेघ लिवर की लगभग सभी बीमारियों में निस्संदेह रूप से लाभकारी है. इसके विशेष लाभों में लिवर कि विषैले पदार्थों से सुरक्षा है. इसके प्रयोग विभिन्न स्वरूपों में किया जकता है जैसे पाउडर, टैबलट , काढ़ा आदि. चूर्ण यानि पाउडर के रूप में इसका इस्तेमाल एक से तीन ग्राम शहद या पानी के साथ दिन में दो बारे किया जाता है. टेबलेट फॉर्म में ढाई सौ से पांच सौ मिलीग्राम दिन में डॉ बार और काढ़े के रूप में दस से पंद्रह मिली दिन में दो बार किया जाता है.

10. पुनर्नवा मंडूर

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दसवे स्थान पर हम आपको लिवर के लिए एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक योग के बारे में बताएँगे. इसका फार्मूला आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णित है जिसमें मुख्य घटक पुनर्नवा, लौह भस्म, त्रिकटु, दारुहरिद्रा, हरड़, बेहद, आमला आदि हैं. पुनर्नवा मंडूर लीवर सिरोसिस, फैटी लीवर, शरीर में जमा अतिरिक्त जल (Edema) को निकालने में सहायक है. साथ ही यह एनीमिया (खून की कमी) और पेट की सूजन को कम करता है। यह बाजार में विभिन्न कंपनियों का बना बनाया मिल जाता है और टेबलेट फॉर्म में उपलब्ध होता है. इसकी मात्रा एक से दो टेबलेट दिन में दो बार भोजन के बाद निर्धारित की गयी है. ध्यान रहे इसमें भारी धातुओं का इस्तेमाल किया गया है इसलिए इसका प्रयोग केवल चिकित्सक के परामर्श से ही करें.


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